• भगवान राम

    भगवान राम

    राम (रामचन्द्र), प्राचीन भारत में अवतरित, भगवान थे। हिन्दू धर्म में, राम, विष्णु के १० अवतारों में से सातवें हैं। राम का जीवनकाल एवं पराक्रम, महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित, संस्कृत महाकाव्य रामायण के रूप में लिखा गया है| उन पर तुलसीदास ने भी भक्ति काव्य श्री रामचरितमानस रचा था | खास तौर पर उत्तर भारत में राम बहुत अधिक पूजनीय माने जाते हैं। रामचन्द्र हिन्दुत्ववादियों के भी आदर्श पुरुष हैं।

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  • मेहंदीपुर बालाजी

    मेहंदीपुर बालाजी

    राजस्थान के दौसा जिले के पास दो पहाडिय़ों के बीच बसा हुआ मेहंदीपुर नामक स्थान है। यह मंदिर जयपुर-बांदीकुई-बस मार्ग पर जयपुर से लगभग 65 किलोमीटर दूर है। दो पहाडिय़ों के बीच की घाटी में स्थित होने के कारण इसे घाटा मेहंदीपुर भी कहते हैं। जनश्रुति है कि यह मंदिर करीब 1 हजार साल पुराना है। यहां पर एक बहुत विशाल चट्टान में हनुमान जी की आकृति स्वयं ही उभर आई थी। इसे ही श्री हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है।.

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  • सालासर बालाजी

    सालासर बालाजी

    हनुमानजी का यह मंदिर राजस्थान के चूरू जिले में है। गांव का नाम सालासर है, इसलिए सालासर वाले बालाजी के नाम यह मंदिर प्रसिद्ध है। हनुमानजी की यह प्रतिमा दाड़ी व मूंछ से सुशोभित है। यह मंदिर पर्याप्त बड़ा है। चारों ओर यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशालाएं बनी हुई हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और मनचाहा वरदान पाते हैं।

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  • नीम करौली बाबा

    नीम करौली बाबा

    नीब करौरी बाबा महाराजजी एक धनी ब्राह्मण jameedar ( मकान मालिक ) परिवार में गांव अकबरपुर ( फिरोजाबाद जिले ) उत्तर प्रदेश (भारत) में पैदा हुआ था। उन्होंने कहा कि शुक्ला पक्ष Ashtmi पर Margsheersh के महीने में पैदा हुआ था और उसके पिता श्री दुर्गा प्रसाद शर्मा ने लक्ष्मी नारायण शर्मा नामित किया गया था । बचपन से महाराजजी सांसारिक संलग्नक से अलग किया गया था।

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Our Mission

हमने यह वेबसाइट balajibhakt.in भगवान श्री राम और हनुमान की भक्ति को जन जन तक पहुचाने के लिए बनाई है | ऐसा कोई हिन्दू नहीं है जो इन महादेवो के बारे में अनजान हो फिर भी कुछ ऐसे तत्व होंगे जिनसे आप अनजान होंगे | हिन्दुत्व के अलावा अन्य धर्म भी जाने की किस तरह से राम और हनुमान हिन्दुत्व के जान है . इन दोनों में से किसी भी देव की भक्ति करने से आपको दोनों महादेवो का आशीष प्राप्त होता है | देखने में यह दोनों अलग अलग है पर इनकी आत्मा का मिलन एक है | दोनों एक दुसरे के दिलो में वास करते है | हनुमान जी का जनम ही श्रीराम के कार्यो को पूर्ण करने में और राम भक्ति के लिए हुआ है और इसी कारणवश वे श्री राम के आँखों के तारे है बहूत प्यारे है |

मेहंदीपुर बालाजी

राजस्थान के दौसा जिले के पास दो पहाडिय़ों के बीच बसा हुआ मेहंदीपुर नामक स्थान है। यह मंदिर जयपुर-बांदीकुई-बस मार्ग पर जयपुर से लगभग 65 किलोमीटर दूर है। दो पहाडिय़ों के बीच की घाटी में स्थित होने के कारण इसे घाटा मेहंदीपुर भी कहते हैं। जनश्रुति है कि यह मंदिर करीब 1 हजार साल पुराना है। यहां पर एक बहुत विशाल चट्टान में हनुमान जी की आकृति स्वयं ही उभर आई थी। इसे ही श्री हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है।

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सालासर बालाजी

हनुमानजी का यह मंदिर राजस्थान के चूरू जिले में है। गांव का नाम सालासर है, इसलिए सालासर वाले बालाजी के नाम यह मंदिर प्रसिद्ध है। हनुमानजी की यह प्रतिमा दाड़ी व मूंछ से सुशोभित है। यह मंदिर पर्याप्त बड़ा है। चारों ओर यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशालाएं बनी हुई हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और मनचाहा वरदान पाते हैं।

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नीम करौली बाबा

नीब करौरी बाबा महाराजजी एक धनी ब्राह्मण jameedar ( मकान मालिक ) परिवार में गांव अकबरपुर ( फिरोजाबाद जिले ) उत्तर प्रदेश (भारत) में पैदा हुआ था। उन्होंने कहा कि शुक्ला पक्ष Ashtmi पर Margsheersh के महीने में पैदा हुआ था और उसके पिता श्री दुर्गा प्रसाद शर्मा ने लक्ष्मी नारायण शर्मा नामित किया गया था । बचपन से महाराजजी सांसारिक संलग्नक से अलग किया गया था।

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